Thursday, 19 November 2015

धीरू भाई अम्बानी की आपको जीवनी बताना चाहूंगा उनकी सोच कैसी थी कितनी सकारात्मक सोच थी उनकी उनकी तनख्वाह १५०० रूपये प्रतिमाह थी जब वो पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे और जिस दिन तनख्वाह मिलती थी उस दिन वो ५०० रूपये देकर पांच सितारा होटल में एक कप चाय पीने जाते थे तो लोग उन्हें पागल कहते थे की इतने में घर का खर्च चलाये और यहाँ चाय पिया कर लेकिन धीरू भाई को कोई फर्क नहीं पड़ता था वो कहते १००० में भी घर का खर्च चलेगा और १५०० में भी जब कई बार लोगो ने इसका कारन पूछा तो उन्होंने कहा तुम्हे क्या लगता है मै चाय पीने जाता हूँ नहीं मै तो वहां जाता हु उन लोगो की संगत करने दोस्तों जो अमीर है मै जानना चाहता हु वो कैसे अमीर बने उनमे और मुझमे क्या फर्क है क्युकी संगत का बहुत फर्क है दोस्तों जी हाँ सकारात्मक सोच के बाद दूसरा काम हमारा संगत है उन लोगो की संगत करना जो आपके सपने पुरे कर चुके है किसी को रोल मॉडल बना कर उनकी संगत करे आपके सपने जरूर सच होंगे दोस्तों जरूर सच होंगे
धीरू भाई अपने सपने को लेकर बहुत उत्साहित रहते थे जी हाँ आपको भी उत्साहित रहना पड़ेगा वो इतने उत्साहित रहते की अपने सपनो को हमेशा बताया करते और लोग उनका मजाक उड़ाते वो कहते मै अपने सपने कही भूल न जाऊ इसलिए इन्हे भी बता रहा ये याद दिलाते रहेंगे वो अपने पेट्रोल पंप पर बड़ी बड़ी बाते  करते थे
पेट्रोल पंप के मालिक ने सुना तो उसने कहा आज मै भी धीरू भाई की क्लास लेता हु देखता हूँ क्या कहते है आज यही कहेगा की मै इस पेट्रोल पंप का मालिक बन जाऊँ या दो पेट्रोल पंप हो जाये पर दोस्तों जब उसने धीरू भाई से ये बात पूछी तो उसके होश उड़ गए बतौर पेट्रोल पंप मालिक के सब्दो में मै सोच भी नहीं सकता था की उसकी सोच इतनी बड़ी होगी वह तक तो आज तक मैंने नहीं सोचा दोस्तों धीरू भाई ने जवाब दिया नहीं सर मै एक दो या दस पेट्रोल पंप का मालिक नही बनना चाहता जहाँ से आपको पेट्रोल सप्लाई होता है मै उस कंपनी का मालिक बनना चाहता हूँ और दोस्तों उनके सपने सच हुए आज रिलायंस पेट्रोलियम इसका उदहारण है
संगत कीजिये और उसके बाद अपने सपनो को लोगो को भी उत्साह से बताये जोश और जनूँन  से बताये ओ मजाक उड़ाए तो उड़ने दे आप बातो से नही बल्कि सफल होकर उनका जवाब दे देंगे

संगत के बाद क्या होगा क्या आप सफल बन जाये आगे काम को कैसे करना सब इसके बारे में आगे चर्चा करेंगे

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