Thursday, 26 November 2015

असहिष्णुता

असहिष्णुता पर उठ रहे सवालो के बीच मेरे भी मन में कुछ सवाल उठ रहे आप लोग जरूर जवाब दीजियेगा मैंने ब्लॉग पर लिखी ये बाते सोचा आपसे भी शेयर कर लूँ
बवाल शुरू हुवा आमिर खान के बयान से उनकी बीवी ने कहा की देश छोड़ दे असुरक्षित लग रहे है आमिर जी क्या आपने उनका चेहरा देखा था उस वक़्त किस भाव से कह रही कही आप का किसी से चक्कर तो नही उससे दूर ले जा रही या कही आपको ले जाकर वो सीरिया अफगानिस्तान में छोड़ कर वापस हिंदुस्तान तो नही आ जाएँगी प्लीज आप उनसे कन्फर्म कर लीजिये मुझे तो कुछ ऐसा ही लग रहा 
उसके बाद घमासान शुरू हुवा राहुल गांधी ममता बनर्जी मुल्ला यम ने कहा वो अपने मन की बात कहे है उन्हें हक़ है तो मेरा उनको जवाब है अगर बात कहने का हक़ है तो भारत में करने का भी हक़ है आप सोचो लोग आपको क्या क्या कहेंगे और क्या क्या करेंगे मेरी तो सोच के ही हंसी आ रही है अब बात नरेंद्र भाई मोदी की बहुत से लोग उनसे परेशान है की महँगाई बढ़ रही है ये विदेश दौरा किये जा रहा है टिक कर काम नही कर सकते अरे वो इतने विदेश दौरे में है तब तो आप काम करने नही दे रहे टिक कर बैठ गए तो रोज धरना प्रदर्शन वो तो शुक्र मनाओ हाथी की तरह वो चल कर काम कर रहे कुत्ते भौक रहे है कई सफल लोगो के जीवन का प्रक्षेपण करने के बाद मैंने ये निष्कर्ष निकाला की जीवन बदलने के लिए बदलाव जरुरी है और उसकी शुरुवात खुद से होनी चाहिए नरेंद्र मोदी ने खुद को बदला वो सफल हो गए है लेकिन वो देश को सफल बनाना चाहते है मकसद वही है
आइये अब देखते है पिछ्ले 65 सालो से हमें प्रधानमंत्री दाल रोटी दे रहे फिर भी हम खुश नही मंहगाई बढ़ी बेरोजगारी बढ़ी गरीबी बढ़ी भूखमरी लाचारी सब कुछ फिर भी हम वही दाल रोटी ही चाहते है कैसे है हम लोग क्या हम कुछ बदलाव की खातिर अपने आप को बदल नही सकते मोदी जी से सच बताऊँ तो जनता को कोई प्रॉब्लम नही है प्रॉब्लम कुछ भड़वे लोगो को है जो मुफ़्त का निगलने को नही पा रहे है उनको जनता की नही अपनी परवाह है तब बयानबाजी कर रहे अरे जो 65 साल में देश को बदहाल कर दिए वो एक साल में खुशहाल चाहते है जब स्मृर्ति ईरानी शिक्षा मंत्री बनी बहुत से  बवाल हुए भाई अब तेजप्रताप और तेजस्वी के बारे में कुछ नही क्यों जानते है अरे बोलने वाले ही यही है तो अब बोले कौन???
आमिर खान के बयान पर मुल्लायम की बहु अपर्णा ने जो बयान दिया मैं उन्हें सलूट करता हूँ केजरी वाल जी अभी तक खामोश है क्योंकि अभी कोई और मुद्दा चल रहा जब थोडा ये खामोश हो तो वे नया मुद्दा लेकर आएंगे जिससे सिर्फ और सिर्फ उनकी चर्चा हो जी हाँ वही कहेंगे मैं करना तो चाहता हूँ पर लोग करने नही देते और हमारे बिजनेस के सीनियर कहते है ये सिर्फ एक बहाना है अगर आप सच्चे दिल से करना चाहते है तो आपको किसी के साथ की जरूरत नही दिल में मकसद होना चाहिए हौसले बुलंद होना चाहिए आपको कामयाब होने से कोई नही रोक सकता फिर ये बहाने हम क्यों सुने 
राधा शरण दास राहुल बावरा
Note.  I m not any politicians and doesn't belong to any party i m a hindustani yes hindustani  
वंदे मातरम् जय हिन्द

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home