Thursday, 26 November 2015

 कई कई लोग मुझसे तरह तरह के सवाल करते है उनमे एक बहुत ही कॉमन है वो आपसे शेयर करना चाहता हूँ लोग कहते है आप हमेशा कामयाबी की  की बात करते हों बदलाव की बात करते  हो प्रसिद्धि की बात करते हो आप कर भी रहे तो आप कामयाब क्यों नहीं हो जाते आप प्रसिद्ध क्यों  नही हो जाते मैंने भी सोचा बात तो सही है लो जी राहुल को नया प्रश्न मिल गया और  ही है जब तक उत्तर ना मिल जाये मुझे चैन नहीं निकल पड़ा इसकी तलाश में स्वामी विवेकानन्द धीरू भाई अम्बानी बिल गेट्स टाटा बिरला  सचिन तेंदुलकर अब्राहम लिंकन बराक ओबामा सबकी  जीवनी पढ़  सबने   शुरुवात की थी फिर काफी संघर्ष  उनको  वो मुकाम मिला ५० साल तक कई लोगो की उम्र हो गयी पर सबने १५  से बीस साल संघर्ष किया उस मकसद  कामयाब हुए तब जाके दिल को तसल्ली मिली अभी तो दोस्तों  शुरुवात है और अभी मै २६ साल का हूँ आने वाले कुछ सालो में मै आपको वहीँ मिलूंगा जहाँ आप देखना चाहते है यस कामयाब लोगो की लिस्ट में  नाम आपके छोटे भाई राहुल का  भी होगा जय हिन्द 
                             निकल पड़े है  हौसलों की उड़ान लेकर 
                            दिल में कामयाबी  का अरमान लेकर 
                           जो सोचा है वो लेकर ही रहेंगे दोस्तों 
                         भले ही लेना पड़े अपनी जान देकर 

असहिष्णुता

असहिष्णुता पर उठ रहे सवालो के बीच मेरे भी मन में कुछ सवाल उठ रहे आप लोग जरूर जवाब दीजियेगा मैंने ब्लॉग पर लिखी ये बाते सोचा आपसे भी शेयर कर लूँ
बवाल शुरू हुवा आमिर खान के बयान से उनकी बीवी ने कहा की देश छोड़ दे असुरक्षित लग रहे है आमिर जी क्या आपने उनका चेहरा देखा था उस वक़्त किस भाव से कह रही कही आप का किसी से चक्कर तो नही उससे दूर ले जा रही या कही आपको ले जाकर वो सीरिया अफगानिस्तान में छोड़ कर वापस हिंदुस्तान तो नही आ जाएँगी प्लीज आप उनसे कन्फर्म कर लीजिये मुझे तो कुछ ऐसा ही लग रहा 
उसके बाद घमासान शुरू हुवा राहुल गांधी ममता बनर्जी मुल्ला यम ने कहा वो अपने मन की बात कहे है उन्हें हक़ है तो मेरा उनको जवाब है अगर बात कहने का हक़ है तो भारत में करने का भी हक़ है आप सोचो लोग आपको क्या क्या कहेंगे और क्या क्या करेंगे मेरी तो सोच के ही हंसी आ रही है अब बात नरेंद्र भाई मोदी की बहुत से लोग उनसे परेशान है की महँगाई बढ़ रही है ये विदेश दौरा किये जा रहा है टिक कर काम नही कर सकते अरे वो इतने विदेश दौरे में है तब तो आप काम करने नही दे रहे टिक कर बैठ गए तो रोज धरना प्रदर्शन वो तो शुक्र मनाओ हाथी की तरह वो चल कर काम कर रहे कुत्ते भौक रहे है कई सफल लोगो के जीवन का प्रक्षेपण करने के बाद मैंने ये निष्कर्ष निकाला की जीवन बदलने के लिए बदलाव जरुरी है और उसकी शुरुवात खुद से होनी चाहिए नरेंद्र मोदी ने खुद को बदला वो सफल हो गए है लेकिन वो देश को सफल बनाना चाहते है मकसद वही है
आइये अब देखते है पिछ्ले 65 सालो से हमें प्रधानमंत्री दाल रोटी दे रहे फिर भी हम खुश नही मंहगाई बढ़ी बेरोजगारी बढ़ी गरीबी बढ़ी भूखमरी लाचारी सब कुछ फिर भी हम वही दाल रोटी ही चाहते है कैसे है हम लोग क्या हम कुछ बदलाव की खातिर अपने आप को बदल नही सकते मोदी जी से सच बताऊँ तो जनता को कोई प्रॉब्लम नही है प्रॉब्लम कुछ भड़वे लोगो को है जो मुफ़्त का निगलने को नही पा रहे है उनको जनता की नही अपनी परवाह है तब बयानबाजी कर रहे अरे जो 65 साल में देश को बदहाल कर दिए वो एक साल में खुशहाल चाहते है जब स्मृर्ति ईरानी शिक्षा मंत्री बनी बहुत से  बवाल हुए भाई अब तेजप्रताप और तेजस्वी के बारे में कुछ नही क्यों जानते है अरे बोलने वाले ही यही है तो अब बोले कौन???
आमिर खान के बयान पर मुल्लायम की बहु अपर्णा ने जो बयान दिया मैं उन्हें सलूट करता हूँ केजरी वाल जी अभी तक खामोश है क्योंकि अभी कोई और मुद्दा चल रहा जब थोडा ये खामोश हो तो वे नया मुद्दा लेकर आएंगे जिससे सिर्फ और सिर्फ उनकी चर्चा हो जी हाँ वही कहेंगे मैं करना तो चाहता हूँ पर लोग करने नही देते और हमारे बिजनेस के सीनियर कहते है ये सिर्फ एक बहाना है अगर आप सच्चे दिल से करना चाहते है तो आपको किसी के साथ की जरूरत नही दिल में मकसद होना चाहिए हौसले बुलंद होना चाहिए आपको कामयाब होने से कोई नही रोक सकता फिर ये बहाने हम क्यों सुने 
राधा शरण दास राहुल बावरा
Note.  I m not any politicians and doesn't belong to any party i m a hindustani yes hindustani  
वंदे मातरम् जय हिन्द

Thursday, 19 November 2015

दोस्तों सोच बदल दिया संगत कर लिया त्याग कर दिया अब क्या करना पड़ेगा सफल होने के लिए जी हाँ दोस्तों आपने इच्छा भी कर लिया निर्णय भी ले लिया पर अब बारी है आपको दृढ़ निस्चय होने की जी हाँ दोस्तों दृढ़ निश्चय की हमें सफल होकर रहना है सरे सपने पुरे करने है चाहे जो हो जाये इसके लिए कुछ जरुरी टिप्स है जो आपको करने पड़ेंगे क्यकि जब आप सफल होने की कोशिश करते है तो बहुत से लोग आपको पीछे खीचेंगे कभी कठोर रुपी बाण से कभी माखन लगाकर लेकिन अगर आपने दृढ निश्चय कर लिया तो कोई नही रोक सकता
किसी भी बात को कल पर ना टाले दोस्तों आज और अभी करें
बहाने बनाने आप बंद कर दीजिये आपके सपने को पूरा करने के लिए आपको अपना समय लगाना होगा पैसे लगाने होंगे शारीरिक श्रम भी करना पड़ेगा पर कभी पैसे का बहाना कभी परिवार की परेशानी कभी  बहाना मत बनाइये दोस्ती पहली प्राथमिकता आप अपने इस सपने को दीजिये दोस्तों जी हाँ आप इसे सबसे ऊपर रखे क्युकी ये आपका दशा और दिशा दोनों बदल देगा   ५ से ७ साल अगर आप इन ऐसा कर दिया तो आपके सपने पूरा होने से आपको खुदा भी नही रोक सकता दोस्तों और जो आपकी टांग खीच रहे थे की ये नही हो सकता वही आपकी तारीफ के पुल बंधेंगे आप आगे बढ़ने के लिए दृढ संकल्प रहे आप जरूर सफल होंगे तहे दिल से शुभ कामना आपकी सफलता के लिए। .......

डॉफिनर राहुल सिंह
पंजाब 

संगत के बाद त्याग की बारी आती है जी हाँ दोस्तों कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है कुछ न कुछ तो आपको भी त्याग करना पड़ेगा आपके अपने सपने को पुरा करने के लिए
धीरू भाई अम्बानी ने अगर पेट्रोल पंप की नौकरी ना छोड़ी होती तो क्या आज रिलायंस होता ?? अगर नारायण मूर्ति जी ने पत्नी कम्प्यूटर्स की जॉब ना छोड़ी होती तो क्या आज इनफ़ोसिस होता??? अगर अम्बितभ बच्चन जी ने जॉब ना छोड़ा होता तो क्या हमें सदी का महानायक मिलता ??? अगर नरेंद्र भाई मोदी ने वो चाय की दुकान ना छोड़ी होती तो क्या आज प्रधान मंत्री होते ??
दोस्तों इन सभी ने त्याग किया अपनी नौकरी का पर दोस्तों मै आपको आपकी नौकरी छोड़ने को नहीं कह रहा आपको छोड़नी होगी अपनी कुछ आदंते क्युकी अगर इन आदतो को हमने छोड़ दिया तो हमें हमारे सपने पूरा करना से कोई नही रोक सकता दोस्तों कोई नहीं रोक सकता
अक्सर हम अपने दोस्तों के साथ अपना खली समय ब्यतीत करते है ओ वहां से हटा कर अपने सपने पूरा करने के लिए लगाना है कुछ टेलीविजन देखने की आदत हमें इस समय को लगाना होगा सपने पूरा करने के लिए जितना  आपका है वो यहाँ इन्वेस्ट करे ये त्याग अगर आपने कर दिया दोस्तों आपको सफल होने से कोई नहीं दोस्तों कोई भी नहीं रोक सकता 

धीरू भाई अम्बानी की आपको जीवनी बताना चाहूंगा उनकी सोच कैसी थी कितनी सकारात्मक सोच थी उनकी उनकी तनख्वाह १५०० रूपये प्रतिमाह थी जब वो पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे और जिस दिन तनख्वाह मिलती थी उस दिन वो ५०० रूपये देकर पांच सितारा होटल में एक कप चाय पीने जाते थे तो लोग उन्हें पागल कहते थे की इतने में घर का खर्च चलाये और यहाँ चाय पिया कर लेकिन धीरू भाई को कोई फर्क नहीं पड़ता था वो कहते १००० में भी घर का खर्च चलेगा और १५०० में भी जब कई बार लोगो ने इसका कारन पूछा तो उन्होंने कहा तुम्हे क्या लगता है मै चाय पीने जाता हूँ नहीं मै तो वहां जाता हु उन लोगो की संगत करने दोस्तों जो अमीर है मै जानना चाहता हु वो कैसे अमीर बने उनमे और मुझमे क्या फर्क है क्युकी संगत का बहुत फर्क है दोस्तों जी हाँ सकारात्मक सोच के बाद दूसरा काम हमारा संगत है उन लोगो की संगत करना जो आपके सपने पुरे कर चुके है किसी को रोल मॉडल बना कर उनकी संगत करे आपके सपने जरूर सच होंगे दोस्तों जरूर सच होंगे
धीरू भाई अपने सपने को लेकर बहुत उत्साहित रहते थे जी हाँ आपको भी उत्साहित रहना पड़ेगा वो इतने उत्साहित रहते की अपने सपनो को हमेशा बताया करते और लोग उनका मजाक उड़ाते वो कहते मै अपने सपने कही भूल न जाऊ इसलिए इन्हे भी बता रहा ये याद दिलाते रहेंगे वो अपने पेट्रोल पंप पर बड़ी बड़ी बाते  करते थे
पेट्रोल पंप के मालिक ने सुना तो उसने कहा आज मै भी धीरू भाई की क्लास लेता हु देखता हूँ क्या कहते है आज यही कहेगा की मै इस पेट्रोल पंप का मालिक बन जाऊँ या दो पेट्रोल पंप हो जाये पर दोस्तों जब उसने धीरू भाई से ये बात पूछी तो उसके होश उड़ गए बतौर पेट्रोल पंप मालिक के सब्दो में मै सोच भी नहीं सकता था की उसकी सोच इतनी बड़ी होगी वह तक तो आज तक मैंने नहीं सोचा दोस्तों धीरू भाई ने जवाब दिया नहीं सर मै एक दो या दस पेट्रोल पंप का मालिक नही बनना चाहता जहाँ से आपको पेट्रोल सप्लाई होता है मै उस कंपनी का मालिक बनना चाहता हूँ और दोस्तों उनके सपने सच हुए आज रिलायंस पेट्रोलियम इसका उदहारण है
संगत कीजिये और उसके बाद अपने सपनो को लोगो को भी उत्साह से बताये जोश और जनूँन  से बताये ओ मजाक उड़ाए तो उड़ने दे आप बातो से नही बल्कि सफल होकर उनका जवाब दे देंगे

संगत के बाद क्या होगा क्या आप सफल बन जाये आगे काम को कैसे करना सब इसके बारे में आगे चर्चा करेंगे

अगर आप चाहते हो की आपको ओ इंसान मिल जाये जो आपको कामयाब कर दे तो दोस्तों आईने में उसकी शक्ल जरूर देखे
जी हाँ दोस्ती सिर्फ और सिर्फ आप अपने आप को कामयाब कर सकते हो आपके सपने बड़े है कोई बात नहीं धीरू  भाई अम्बानी के सपने भी बड़े थे बिल गेट्स अब्राहम लिंकन के सपने भी बहुत बड़े थे सब सुच हुए क्युकी उन्होंने एक शुरुवात की थी आपको शुरुवात करनी पड़ेगी
अब दिमाग में ये बात आती है की शुरुवात कहाँ से करे ???
हांजी दोस्तों आपको बताना चाहूंगा की आप अपनी शुरुवात सोच से कीजिये अपनी नकारत्मक सोच को सकारात्मक कीजिये सबसे जरूरी ये काम है जिस दिन आपने ऐसा करना शुरू कर दिया उस दिन से आपका लक्ष्य आपको पास दिखने लगेगा
दोस्तों कोई भी काम असंभव नही है मोबाइल फ़ोन हवाई जहाज वीडियो कालिंग जब बने नहीं थे तो अगर कोई ऐसा कहता तो कहते संभव नही है पर संभव हुवा आप भी मने की जी हाँ ये मेरा सपना है और ये हो सकता है दोस्तों जिस दिन आपने अपनी सोच को पोजीटीव कर लिया कोई भी आपको आपके मंजिल तक पहुचने से नहीं रोक सकता दोस्तों
सोच सकारात्मक के बाद क्या करे ??? सफल कैसे बने ??? जीवन का मुख्या उद्देस्य को कैसे पाया जाये ??
जो भी सपने है उनको सच कैसे किया जाये ???
इस तरह के बहुत सवाल आपके मन में है सभी के जवाब मिलेंगे ब्लॉग पढ़ते रहिये 

Sunday, 23 November 2014

Zindagi me ek sapna tha jo sapna hi rah gya
dil me ek armaa tha jo arma hi rah gya
mahfilo me gujti rhi mere gajlo par taliyan
mai tanha tha aur tanha hi rah gya


kuch unki yado ke deep jale
kuch ujde gulshan me fool khile
dil ki dilllagi dildaar se kuch aisi huyi
wo khushiyo me roye aur mai unki yaado me rota rah gya
mai tanha tha aur tanha hi rah gya

aaj bhi jab unki yado ke deep jaldte hai
rah rah ke ankho se ashk nikal padte hai
dil me ummedi ab bhi hai unse milne ki
unke bina ye "rahul" adhura thaadhura hi rah gya